नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया को नागपुर में बुरी तरह धो डालने के बाद महेन्द्र सिंह धोनी के सूरमा शनिवार को राजधानी के फिरोजशाह कोटला मैदान में होने वाले दिन-रात के तीसरे एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच में अपना विजयक्रम बरकरार रखते हुए श्रृंखला में बढ़त हासिल करने के इरादे के साथ उतरेंगे।
भारतीय टीम ने दूसरे एकदिवसीय में जिस तरह का बेहतरीन प्रदर्शन किया था उसे देखते हुए चयनकर्ताओं ने तीसरे और चौथे एकदिवसीय के लिए उसी टीम को बरकरार रखा है। तीसरे एकदिवसीय में भी पूरी उम्मीद है कि नागपुर में धमाल करने वाली अंतिम एकादश ही कोटला के मैदान में उतरेगी। इस मैदान में भारत का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो जीत और एक हार का रिकॉर्ड है। दोनों टीमों के बीच 11 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद कोटला में एकदिवसीय मैच खेला जाएगा।
भारतीय टीम नागपुर की जीत के साथ जहां अपना हौसला बुलंद कर चुकी है वहीं टीम के सभी खिलाड़ियों का फिट होना भी धोनी के लिए सकारात्मक पहलू है। भारत के मुकाबले ऑस्ट्रेलियाई टीम इस समय अपनी खिलाड़ियों की चोटों को लेकर बेहद परेशान है। उसपर तुर्रा यह है कि पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एलेन बॉर्डर ने श्रृंखला में कंगारू टीम की हार की भविष्यवाणी कर रिकी पोंटिंग की चिंता और बढ़ा दी है।
ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज टिम पेन उंगली में चोट के कारण पूरी श्रृंखला से बाहर हो गए हैं जबकि तेज गेंदबाज ब्रेट ली और ऑलराउंडर जेम्स होप्स घायल होने के कारण दूसरे एकदिवसीय में नहीं खेले थे। हालांकि होप्स ओर ली ने आज कोटला में टीम के अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया। होप्स ने अभ्यास के दौरान लंबे समय तक बल्लेबाजी की जबकि ली ने शुरूआत में छोटे रनअप से गेंदें डाली और फिर बाद में अपनी गति बढ़ाई। दोनों के अंतिम एकादश में शामिल किये जाने के बारे में फैसला मैच से पूर्व किया जाएगा। मिशेल जॉनसन पूरी तरह फिट नहीं होने के बावजूद दूसरे एकदिवसीय में खेले थे लेकिन ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण भारतीय बल्लेबाजों के लिए काफी कमजोर साबित हुआ। भारत ने नागपुर में 354 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ स्कोर खड़ा कर लिया था।
भारत के लिए इस समय चिंता का एकमात्र सबब अनुभवी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का पहले दो मैचों में सस्ते में आउट हो जाना है। सचिन के लिए कोटला का मैदान काफी भाग्यशाली रहा है और उम्मीद की जानी चाहिए कि वह इस मैदान पर न केवल एक जोरदार पारी खेलेंगे बल्कि इस मैदान को 17 हजार एकदिवसीय रन पूरे करने का गवाह बना देंगे।
विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेन्द्र सेहवाग ने नागपुर में जरूर विस्फोट किया था लेकिन उन्हें विकेट पर लंबे समय तक टिकने का धैर्य दिखाना होगा। लगातार दो अर्धशतक बना चुके गौतम गंभीर अपनी शानदार फॉर्म को अपने दिल्लीवासियों के सामने बरकरार रखना चाहेंगे। युवराज सिंह, नागपुर के शतकधारी धोनी और सुरेश रैना के बल्ले की धमक ऑस्ट्रेलिया को फिर परेशानी में डाल सकती है।
गेंदबाजी में ईशांत शर्मा का लय में लौटना और प्रवीण कुमार का सटीक गेंदबाजी करना भारत के लिए एक सुखद खबर है। दिल्ली के आशीष नेहरा अपने कोटला मैदान पर ऑस्ट्रेलियाइयों को जरूर ध्वस्त करना चाहेंगे। हरभजन सिंह और रविन्द्र जडेजा की फिरकी भी कंगारओं को परेशानी में डाल सकती है।
ऑस्ट्रेलिया के लिए विकेटकीपर सलामी बल्लेबाज पेन का घायल होकर श्रृंखला से बाहर हो जाना एक गहरा झटका है। ऑस्ट्रेलिया ने पेन की जगह लेने के लिए ग्राहम मनोऊ को बुलाया है। ग्राहम ने एशेज श्रृंखला में पर्दापण किया था और घरेलू सत्र में उनका काफी अच्छा प्रदर्शन रहा है। ऑस्ट्रेलिया के लिए फिलहाल सबसे बड़ी समस्या ओपनिंग की रहेगी। नागपुर में ऑस्ट्रेलिया का शीर्ष क्रम कामयाब नहीं रहा था।
शेन वॉटसन , पेन, पोंटिंग और कैमरून व्हाइट सस्ते में आउट हुए थे। ऑस्ट्रेलिया को यदि भारत के सामने चुनौती रखनी है तो उसके शीर्ष क्रम खासतौर पर पोंटिंग को बड़ी पारी खेलनी होगी। ऑस्ट्रेलिया के पास गेंदबाजी में ज्यादा विकल्प नहीं हैं। बेन हिलफेनहास ने नागपुर में 83 और जॉनसन ने 75 रन लुटाए थे। पोंटिंग में 99 रन से मिली पराजय के बाद कम से कम अपने गेंदबाजों को यह चेतावनी तो दे ही चुके होंगे कि उन्हें तीसरे एकदिवसीय में संभलकर गेंदबाजी करनी होगी।
कोटला की पिच चैंपियंस लीग में कम स्कोरों और धीमी तथा कम उछाल के कारण आलोचनाओं का निशाना बनी थी। लेकिन पिच क्यूरेटर विजय बहादुर मिश्रा का कहना है कि इस बार जिस विकेट पर यह मैच खेला जाएगा उस पर 250 से लेकर 300 रन के बीच का स्कोर बन सकता है।
क्यूरेटर का कहना है कि यहां पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम फायदे में रहेगी और खेल बढ़ने के साथ विकेट भी थोड़ा धीमा हो जाएगा। मैच में टॉस का खासा महत्व रहेगा। दिल्ली में इस समय शाम के बाद मौसम ठंडा होने लगा है और रात में पड़ने वाली ओंस का भी मैच पर खासा असर रहेगा।
टीमें- भारत- महेन्द्र सिंह धोनी (कप्तान), गौतम गंभीर, सचिन तेंदुलकर, वीरेन्द्र सेहवाग, युवराज सिंह, विराट कोहली, प्रवीण कुमार, अमित मिश्रा, आशीष नेहरा, सुरेश रैना, ईशांत शर्मा, रविन्द्र जडेजा, मुनाफ पटेल, सुदीप त्यागी और हरभजन सिंह में से।
ऑस्ट्रेलिया- रिकी पोंटिंग (कप्तान), माइकल हसी (उप कप्तान), शेन मार्श, शेन वॉटसन, ग्राहम मनोऊ, कैमरून व्हाइट, नाथन हॉरित्ज, ब्रेट ली, जेम्स होप्स, पीटर सिडल, मिशेल जॉनसन, डग बोलिंगर, जॉन हॉलैंड, बेन हिलफेनहास और एडम वोग्स में से।


