नई दिल्ली। देश के सर्वाधिक ताकतवर प्रधानमंत्रियों में गिनी जाने वाली इंदिरा गांधी के करीबी राजनेताओं और प्रशासकों के अनुसार उन्हें ब्लू स्टार ऑपरेशन का मलाल था। उधर, कुलदीप नैयर जैसे वरिष्ठ पत्रकार कहते हैं कि इस तरह की कार्रवाई से बचा जा सकता था।
अमृतसर के स्वर्ण मंदिर से जरनैल सिंह भिंडरावाला और खालिस्तान समर्थक अलगाववादियों को निकालने के लिए जून 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेश पर ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया गया था, जिसमें सेना ने स्वर्ण मंदिर में प्रवेश किया था। इस दौरान कई निर्दोष नागरिकों की भी जान गई थी।
इंदिरा गांधी के करीबी और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता माखनलाल फोतेदार ने कहा कि ब्लू स्टार ऑपरेशन इंदिराजी की मजबूरी थी। उनके सामने इस तरह की उग्रवादी साजिशों को रोकने और खत्म करने के लिए कोई विकल्प नहीं बचा था। पूर्व केंद्रीय मंत्री फोतेदार कहते हैं कि उन्होंने इस समस्या से निपटने के कई विकल्प देखे, लेकिन एक यही तरीका कारगर लगा। बाहरी साजिश से देश की सुरक्षा के लिए उनके सामने यही एकमात्र विकल्प था, जो सफल भी रहा।
Saturday, Sep 04th
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