कम क्षमता वाली मशीनें टिका दीं
नगर निगम के साथ एक कंपनी ने बड़ा धोखा कर दिया। धोखा यह कि करीब डेढ़ करोड़ रुपए में खरीदी गई मशीन की क्षमता बताई ज्यादा और निकली कम। यह मशीन भी पंद्रह साल पुरानी टेक्नोलॉजी से बनी है।
इंदौर : नगर प्रतिनिधि
नगर निगम ने पिछले दिनों 75-75 लाख रुपए की लागत से दो स्वीपिंग मशीन टीपीएस कंपनी गाजियाबाद से खरीदी कंपनी ने 6.5 क्यूबिक मीटर कचरा साफ करने का कहा, किन्तु यह मशीन 5.5 क्यूबिक मीटर कचरा ही साफ कर रही है। जब निगम ने टेंडर बुलाए थे, तो इस कंपनी के साथ रूट्स कंपनी ने भी टेंडर भरा था। इस कंपनी ने अपनी एक मशीन की लागत 87 लाख रुपए भरी थी। साथ ही 6.5 क्यूबिक मीटर कचरा साफ करने की क्षमता मशीन की बताई थी और कहा था कि यदि इससे कम क्षमता मशीन की हो, तो हमारी मशीन वापस कर देना।
यह मशीन जर्मन टेक्नालॉजी की आधुनिक मशीन बताई जाती है, किन्तु नेताओं और अधिकारियों ने मात्र बारह लाख रुपए प्रति मशीन बचाने के लिए इंडियन कंपनी की मशीन खरीद ली। टीपीएस कंपनी के राधेश्याम यादव ने कहा कि 5.5 क्यूबिक मीटर से ज्यादा कचरा यह मशीन नहीं उठाएगी, इसकी क्षमता 5.5 क्यूबिक मीटर ही है।
अभी तो ट्रायल पर है मशीन
स्वास्थ्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर ने कहा कि यदि साढ़े छह की जगह सवा छह क्यूबिक मीटर की क्षमता वाली भी हुई तो हम मशीन नहीं लेंगे। वैसे भी अभी हमने मशीन कंपनी से नहीं ली है। कंपनी खुद की ट्रायल पर काम कर रही है।






