Prabhat Kiran

Saturday, Sep 04th

Last update:05:36:24 PM GMT

RSS
You are here: होम पेज इन्दौर दागी अफसर बनना चाहता है सीई

दागी अफसर बनना चाहता है सीई

E-mail Print PDF

ईओडब्ल्यू ने मामला भोपाल भेजा, केस दर्ज होगा

मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के चार दागी अफसरों का मामला भोपाल पहुंचा है। ईओडब्ल्यू को इनके खिलाफ ट्रांसफार्मर खरीदी में भ्रष्टाचार की शिकायत मिली थी। खास बात यह है कि एक वो अफसर भी शामिल है जो अभी मुख्य अभियंता (सीई) का पद का दावेदार है। अब उसे बचाने में अफसर जुट गए हैं। अगर दागी अफसर सीई बनने में सफल हो जाता है तो वरिष्ठ अफसर भी जांच के घेरे में आ जाएंगे।

इंदौर : सूरज उपाध्याय

सूत्रों के अनुसार मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी में जब पीडी कुलकर्णी सीएमडी थे तो ट्रांसफार्मर व अन्य खरीदारी में बड़ा घोटाला हुआ था। इस घोटाले में कंपनी के पूर्व डायरेक्टर गुप्ता और अफसर आरडी अग्रवाल, केएम व्यास व रवि तिवारी का नाम भी सामने आया था।

इनके खिलाफ मु?य सचिव से लेकर तो मंत्रालय तक शिकायत की गई थी। यही नहीं आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) को भी मय प्रमाण शिकायत भेजी गई थी। पता चला है कि ईओडब्ल्यू ने उक्त सभी दागी अफसरों के खिलाफ केस रजिस्टर करने के लिए जांच प्रतिवेदन भोपाल भेज दिया है।

इसके बावजूद दागी अफसर रवि तिवारी मु?य अभियंता बनने की तुकतान में लगे हुए हैं। वो मंत्री अनूप मिश्रा के माध्यम से सीई बनना चाहते हैं। इसके लिए कंपनी के अफसरों पर दबाव भी बनाया गया है।

सूत्रों का कहना है कि ईओडब्ल्यू की जांच में फंसे दागी अफसर को सीई बनाया जाता है तो वरिष्ठ अफसर भी जांच के घेरे में आ जाएंगे।

इसी पद के एक अन्य दावेदार जेएस ठोमरे भी हैं। ठोमरे की गिनती ईमानदार अफसरों में होती है लेकिन उनका व्यवहार किसी से भी ठीक नहीं। वो अनावश्यक विवाद करके भी चर्चाओं में रहते हैं। इस कारण उनका भी सीई बनना मुश्किल है।

मुझे कोई जानकारी नहीं
मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के (इंदौर) सीएमडी राघवेंद्रसिंह का कहना है कि मुझे उक्त मामले में कोई जानकारी नहीं है।

सालों से इंदौर में हैं तिवारी
रवि तिवारी के बारे में पता चला है कि वो कई सालों से इंदौर में ही हैं। उन्हें दूध देता हुआ (खरीदारी विभाग) मिला है। नगर निगम चुनाव होने वाले हैं। जल्द ही आचार संहिता भी लागू हो जाएगी। ऐसे में सालों से इंदौर में पदस्थ अधिकारी को क्यों नहीं हटाया जा रहा है यह समझ से परे है। पता चला है कि अब मामले की शिकायत चुनाव आयोग को भी की जा रही है।

Add comment

Security code
Refresh