दो महीने से फिराक में थे, कल मिला मौका, थाने वालों के मधुर संबंध थे चंदनवाला से
इंदौर : नगर प्रतिनिधि
पंद्रह हजार का इनामी कुख्यात बदमाश जमील चंदनवाला सालों से घर पर ही फरारी काट रहा था और इसी की जानकारी मिलने पर क्राइम ब्रांच वालों ने पड़ोस में कमरा किराए पर लिया। कल जब मौका मिला तो उसे दबोच लिया। हैरानी की बात तो यह है कि जमील वहीं आता-जाता था लेकिन थाने वालों को इसकी जानकारी नहीं थी न ही कभी उसके घर की तलाशी ली।
एएसपी (क्राइम) अरविंद तिवारी को सूचना मिली थी कि चंदनवाला घर में ही छिपा हुआ है। चंदनवाला बड़ा खतरनाक अपराधी है इसलिए उसे पकड़ने के लिए तिवारी ने डीएसपी (क्राइम) जितेंद्रसिंह के नेतृत्व में टीम को भेजा था।
टीम में थानेदार मनीष भदौरिया, हेडसाब पन्नालाल, सिपाही दीपक पवार, रज्जाक खान, रामप्रकाश वाजपेयी, मनोज राठौर और राजेंद्र थे। इन्होंने चंदनवाला के घर पर छापा मारा तो भीड़ इकट्ठा हो गई। चंदनवाला ने भी भागने की कोशिश की तो बड़ी मशक्कत के बाद उसे गिर?तार कर लिया गया।
चंदनवाला की खासियत यह थी कि वह घर पर ही फरारी काटता था। सेंट्रल कोतवाली पुलिस उसे गिर?तार करने की हि?मत नहीं जुटा पाती थी। कोतवाली थाने के कई पुलिस वालों से उसके मधुर संबंध थे। फरारी में भी चंदनवाला ने थाने के पास ही एक व्यापारी को चाकू मार दिया था। यही नहीं पिछले दिनों एक सिपाही रमेश ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो वह उसे रिवाल्वर अड़ाकर फरार हो गया था। अफसर चंदनवाला से पूछताछ कर पता लगा रहे हैं कि फरारी में वह किन-किन पुलिस वालों से मिलता था।
क्राइम ब्रांच की टीम चंदनवाला को पकड़ने के लिए दो महीने से लगी हुई थी। चंदनवाला के घर के पास से क्राइम ब्रांच के थानेदार अनिल चौहान ने कमरा किराए से ले लिया था। एएसपी अरविंद तिवारी और डीएसपी जितेंद्रसिंह ने चुपचाप जाकर चंदनवाला के घर की भौगोलिक स्थिति समझी। अफसरों ने जगह दिखाकर तय किया कि अगर पुलिस गली की घेराबंदी कर लेतो चंदनवाला भाग नहीं सकता है। क्राइम ब्रांच के अफसर कल योजना में सफल भी हो गए।
जांच के बाद कुछ करुंगा
एसएसपी विपिन माहेश्वरी का कहना है कि जमील चंदनवाला कब से इंदौर में रह रहा था, ये कुछ साफ नहीं है। वो इंदौर आता-जाता था। उसके बयानों के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। मैं जांच करवाने के बाद ही कुछ करुंगा।
एक फोन पर इकट्ठा हो गए कांग्रेसी
कल जमील चंदनवाले को पकड़ने के बाद एसएसपी आफिस लाया गया तो कांग्रेसियों की भी भीड़ यहां आ गई। सूत्रों ने बताया कि जमील की बहन फिरदोस पटेल कांग्रेसी नेत्री है और उसने शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद टंडन, पार्षद अयाज बेग, शहर कांग्रेस महामंत्री मंजूर बेग और इकबाल खान इकट्ठा हो गए। हालांकि किसी को अंदर नहीं जाने दिया गया। प्रमोद टंडन का कहना है कि वे किसी गुंडे के लिए नहीं गए थे। रीगल तिराहे से गुजर रहे थे और फिरदोस पटेल को खड़ा देख रुक गए थे। वह हमारी कार्यकर्ता है। उसका रिश्तेदार कुछ भी हो हमें मतलब नहीं।
Saturday, Sep 04th
Last update:05:36:24 PM GMT
Headlines:
--- ‘न्याय मिलने के बाद उठूंगी’ --- चलती गाड़ी पर भी बीयर पी रहे थे --- किराएदार बन पकड़ा जमील को --- रुपए नहीं दिए तो बच्चे का अपहरण --- दागी अफसर बनना चाहता है सीई --- पूरी-अधूरी मुराद --- सयाजी होटल का कब्जा हटाएं, आईडीए की चिट्ठी --- मंदिर के बहाने रोका सड़क बनाने से --- ‘धूल’ झौंक दी --- कल नीलाम होगा --- कोर कमेटी में जाएगा पुल --- कांग्रेस का फीका प्रदर्शन... --- बत्ती मिलते ही देंगे ‘बत्ती...’ --- कहीं आग न लग जाए --- गुजरा हुआ जमाना --- जान से खिलवाड़ --- बस 1 मिनट --- किडनी से भेदभाव! --- इंदिरा गांधी को...अफसोस --- ‘फेसबुक’ जरा संभल कर ---






